रूफटॉप
मैं हूं अभिनव, उम्र 24 वर्ष, रंग गोरा, घुंघरालू बाल, 5'9 की हाईट और वज़न........ अ.. वजन नहीं, बस इस धरती का बोझ। कहते है कि बुरा समय बीत जाता है। पर कभी कभी समय इतना बुरा हो जाता है कि इसको बीता पाना ही सबसे कठिन हो जाता है। लोग इसे समझे बगैर ही बस कह देते है इसे 'डिप्रेशन'। पर मै ये नही मानता, और न ही मानना चाहता हूं। क्युकी मैं नहीं करना चाहता अपना मन हल्का, और न ही मुझे किसी से बात करनी है। साइकेट्रिस्ट भी तो बात सुनने के पैसे लेता है। कहा से दू? पापा की जेब से? आम इंसान और एक साइकेट्रिस्ट मे सिर्फ यही अंतर है कि साइकेट्रिस्ट एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल देता है, पर एक आम आदमी सिर्फ एक कान से सुनकर ही अपनी धारणा बना लेता है। साइकेट्रिस्ट समाधान कभी नही बताता, वह आपका सारा बोझ उठाकर समय की गाड़ी पर रख देता है, और कहता है......... "खुद को थोड़ा समय दो।" मन तो करता है की अपना दिमाग खोलकर बर्फ में डूबो दू...... महीनो से मेरे दिमाग पर द्वंद चल रहा था, ऐसा कोई दिन नही जब थोड़ा चैन आया हो। पर आज, आज का दिन काफी शांत था। आज गुस्सा कम था और नाक ठंडा, गला भरा ...