पालतू
अपने काउंटर पर बैठकर मदन टीवी देख रहा था, एनिमल प्लानेट, हाथियो का बड़ा सा झुंड और पीले घास के पीछे घात लगाये शेर। आगे क्या होने वाला है यह मदन अच्छी तरह जानता था। बचपन से देखता आ रहा था वह यह सब। उसे पता था कि समय बदल जाने से शेर के शिकार करने के तरीके नही बदलते। आज भी शेर हाथी के बच्चे के बिछड़ने का इन्तजार कर रहा था, और शेर हमेशा से ही यही करते आ रहे है।
मदन बड़े गौर से टीवी की ओर देख रहा था, पर मन से कही और ही था।
उसके कानो मे आवाजे गूंज रही थी....... जंगल की आवाज़, पेड़-पौधे, हवा से लहराते बड़े पीले घास, हाथियो का शोर, चिड़िया..चहक.... कबूतर का गुटरगू ....... तोते की आवाज़.... फिर भौ-भौ.........
फिर मियाऊ-मियाऊ...................
फिर घिसे हुए दरवाजे की आवज अचानक से सब दबा देती है। उसी आवज से मदन को चेतना आ गयी,
वह तुरंत खड़ा हुआ।
"Welcome to Pet World sir" मदन ने मुस्कुराकर कहा।
सामने खड़ा शख्स बस दुकान के हर एक चीज़ को निहारे जा रहा था।
यह देखकर मदन ने फिर से कहा
"May I help you sir?"
यह दो लाईन अंग्रेज़ी न बोलने से ग्राहक को बुरा लग सकता था। आखिर मैट्रो सिटी जो है।
"जी, मुझे एक pet चाहिये" लड़के ने कहा।
मदन को यह जानकर खुशी हुई की सामने खड़ा जवान लड़का एक पशु प्रेमी है, बिल्कुल उसी की तरह।
मदन ने उसके सामने एक कैटलॉग् रख दिया।
लड़के ने अस कैटलॉग् को वापस खिसका दिया और कहा "मुझे देखकर खरीदना है"
"जरूर, सब यही है, आप चुन सकते है" मदन ने कहा
फिर मदन आगे आकर बारि-बरी सब दिखाने लगा, अलग-अलग तोता, तोते से लेकर रंगीले मछली, मदन सब विस्तार से दिखा रहा था। और ग्राहक महोदय भी समय देकर, जिज्ञासू भव से देख रहे थे।
मदन ने कुत्ते-बिल्ली के प्रजातियो से भी उसे मिलवाया।
लड़का सबकी तारिफ भी किये चल था पर अभी तक उसने किसीको 'हाँ' नही कहा था।
इस बात से मदन आश्चर्य था, उसने कहा
"सर, अगर आप देखना चाहे तो मेरे पास एक इक्स्क्लूसिव़् पेट भी है"
लड़के की आंखे चमक उठी, उसने एक हाथ आगे बढ़ाकर चलने का इशारा किया।
दोनो आगे बढ़े, मदन ने पीछे का दरवाजा खोला।
दरवाज़ा खोलते ही महक बदल गयी।
मदन ने एक गाय की तरफ उंगली करते हुए कहा
"वो रहा"
इस बार मदन की आँख चमक रही थी और लड़का हैरान था।
मदन के भीतर प्रेम की एक धार सी बह रही थी,
तभी लड़के ने ठहाके मारकर उसे तोड़ दिया। कहा
"अच्छा मजाक कर लेते है आप"
यह सुनकर मदन ने भी मुस्कुराने की पूरी कोशिश की....
लड़का भीतर की तरफ जाने लगा।
पर मदन को फर्क नही पड़ा, वह वहा स्थिर हो गया।
कुछ देर बाद अंदर से आवज आई
"सुनिये...... "
मदन तेजी से अन्दर गया
"जी?"
"यह 'पग' मुझे पसंद है। बहुत क्यूट है।"
मदन ने 'पग' पर नज़र फिराया तो उसे पता चला की ये काले मुह वाला नन्हा सा कुत्ता है। जो आपके इर्द-गिर्द घुमने का काम करता है, इसे पौटी करने का भी सेंस होता है, कहते है ये बहुत तेज दिमाग होते है और आपको खुश रखते है.... कुल-मिलाकर ये कुत्ते एक अच्छे घर की शोभा बढ़ाते है...... क्युकी ये क्यूट होते है।
"इसे निकाल दिजीये" लड़के ने कहा।
मदन बिना कुछ कहे उसे निकालने लगा।
काउंटर से ही लड़के ने गले का पट्टा और दो पैकेट पैडिगीरि (कुत्तो का खाना) खरीदा और पेमेंट कर कुत्ते को लेकर खुशी से चल दिया।
टीवी चल ही रहा था ..... एनिमल प्लानेट
इस बार 'शार्क' शिकार पर था, नीले समंदर की गहराई में..........
मदन ने रिमोट से टीवी बन्द कर दिया
और सोचने लगा....
'एसा कोनसा चैनल लगाऊ जिसमे 'गाय' के बारे मे बताए'
उसे जानना था कि 'गाय' पालतू है? जंगली है? या फिर सड़क की है?
क्युकी अब उसे पता था की गाय 'Pet' तो हो नहीं सकती......
Comments
Post a Comment